चैटिंग के बाद सेक्स रैकेट में फंसाने की धमकी दे प्रेमिका के खाते में डलवाए 2.5 लाख, वह भी गिरफ्तार

रिटायर्ड लाइब्रेरियन से महिला बन की दोस्ती, फिर एसओजी सीआई बनकर की ब्लेकमेलिंग, पीड़ित ने दी जान, 2 पकड़े 

पड़ताल...ललिता बैरवा चलता था तीन व्हाट्सएप अकाउंट, एक पायल, दूसरा करणसिंह तो तीसरा एसओजी सीआई  के नाम से 



ब्लेकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार एसओजी का नकली सीआई व उसकी प्रेमिका। 



    सोशल मिडिया पर चेटिंग के जरिए जाल में फंसाकर सेवानिवृत कर्मचारी को ब्लेकमेल करने तथा आत्महत्या को
मजबूर करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने शतिर आरोपी व उसके साथ रह रही एक महिला को गिरफ्तार किया है। खुदकुशी की घटना 9 जुलाई को महाराजा जस्सासिंह मार्ग पर बसंती चौक के निकट आवाज में हुई थी। मृतक सेवानिवृत लाइब्रेरियन 61 वर्षीय राधेश्याम चारण के बेटे राजेंद्र चारण ने कोतवाली थाने में 13 जुलाई को जयपुर निवासी पायल गुप्ता, करणसिंह राजपूत और एसओजी के सीआई सुधीर त्यागी पर ब्लेकमेल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के जयपुर में छुपे होने की आशंका के तहत टीम गठित कर तलाश की। पुलिस ने पंचायती कुंए के नजदीक रेलवे स्टेशन लाखेरी जिला बूंदी व हाल ए-802 ग्राण्ड विस्टास अपार्टमेंट, सिरसा रोड, जयपुर से ललित बैरवा पुत्र लक्ष्मीनारायण व ज्योति शर्मा पुत्री कन्हैया लाल जाति ब्र्हामण उम्र 13 साल निवासी मलहारगढ़ जिला मन्दसौर मध्यप्रदेश जो उसके साथ लिव इन रिलेशन में रह रही को हिरासत में लिया गया। जिस मोबाइल फोन से लाइब्रेरियन राधेश्याम चारण से सोशल मिडिया पर चेटिंग की जाती थी, वे दो फोन आरोपी से बरामद हो गए हैं। पुलिस ने दोनों को शनिवार देर शाम श्रीगंगानगर लाकर गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया गया।

कोतवाल गजेंद्र जोधा ने बताया कि लाइब्रेरियन राधेश्याम चारण से फरवरी में पायल गुप्ता नाम की महिला व्हाट्सअप चेटिंग शुरू करती है। वह पूरी तरह से विश्वास जितने के बाद अपने दोस्त होटल कारोबारी करणसिंह राजपूत से चेटिंग शुरू करवा देती है। करणसिंह खुद को बहुत बड़ा कारोबारी और धनाढ़्य प्रदर्शित करता है और अपने कारोबार में साझेदार बनाने का प्रलोभन देता है। अचानक एसओजी सीआई सुधीर त्यागी का किरदार सामने आता है। तीसरे नंबर से व्हाट्सअप कॉल कर लाइब्रेरियन राधेश्याम चारण को डराया व धमकाया जाता है कि पायल गुप्ता और होटल कारोबारी करणसिंह राजपूत को एसओजी ने सेक्स स्कैंडल में गिरफ्तार किया है। इन दोनों के फोन से लाइब्रेरियन से व्हाट्सअप पर काफी चेटिंग हुई हैं।अगर वह खुद को बचाना चाहता है तो पांच लाख रुपए दे। नहीं तो सेक्स स्कैंडल में फंसाकर बदनाम करते हुए गिरफ्तार किया जाएगा। जांच में सामने आया कि लाइब्रेरियन राधेश्याम चारण के फोन में जिन तीन व्हाट्सएप्प अकाउंट से चेटिंग हो रही थी, वे तीनो एक ही टावर लोकेशन से एक ही डिवाइस से ऑपरेट हो रहे थे। आरोपी को पकड़ा तो उसके पास बरामद फोन में पायल गुप्ता, फाइव स्टार होटल संचालक करणसिंह राजपूत और एसओजी के सीआई सुधीर त्यागी के नाम से बनाए गए फर्जी अकाउंट मिले गए। आरोपी तीनो अकाउंट अपने नाम से जारी तीन अलग-अलग सिमकार्ड को एक ही फोन में डालकर इस्तेमाल करता था। उसके फरवरी 2020 में सबसे पहले पायल गुप्ता के नाम से व्हाट्सएप्प पर लाइब्रेरियन राधेश्याम चारण से संपर्क किया। चैटिंग के जरिए दोस्ती होने पर उसने होटल कारोबारी करणसिंह के नाम से दूसरे व्हाट्सएप्प अकाउंट से मिलवाया। अब वह खुद ही करणसिंह राजपूत बनकर चैटिंग करने लगा। मई और जून में उसने तीसरी पहचान एसओजी के सीआई सुधीर त्यागी के नाम से लाइब्रेरियन से संपर्क किया।  

पहले 7 और 9 जुलाई को लाइब्रेरियन ने पीड़ा लिखी और फिर दे दी जान 

परिवादी राजेंद्र चारण ने कोतवाली को दी रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता ने मरने से पहले अखबार पर लिखा था कि अलमारी में बैग पड़ा है। उसमे पांच हजार रुपए हैं। तीन दिन बाद जब अलमारी से बैग को संभाला तो उसमें दो सुसाइड नोट मिले। पहला 7 जुलाई और दूसरा 9 जुलाई को लिखा हुआ था। इस पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने सुसाइड नोट व मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया। उस दिन भी एसओजी के सीआई सुधीर त्यागी के नाम से रक्षित किए नंबर से व्हाट्सएप्प कॉल आ रही थी। आरोपी व्हाट्सएप्प कॉल पर धमका रहा था और रुपए मांग रहा था। जबकि उसे पता भी नहीं था कि राधेश्याम चारण ने उसी से तंग आकर जान दे दी है। एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि मामले में एसओजी का नाम इस्तेमाल किया जा रहा था। इसलिए हमने पूरी सावधानी से इस रैकेट तक पहुंचने की योजना बनाई। कोतवाली थाना से एसआई सुरजीतकुमार, कांस्टेबल मनफूलराम, साइबर एक्सपर्ट चन्द्रप्रकाश शर्मा ने पहले फील्ड वर्क किया। इसके बाद इसी टीम ने महिला कांस्टेबल सारदा को साथ लेकर जयपुर में आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों से डरे हुए राधेश्याम चारण ने इस बारे में परिवार व पुलिस को नहीं बताते हुए आरोपी के खाते में ढाई लाख रुपए डलवा दिए थे। रुपयों की डिमांड बढ़ती गई तब उसने परेशान होकर 9 जुलाई की रात को सुसाइड कर लिया। आरोपी पर कई थानों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वह शातिर अपराधी है।




by ravinder singh
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