नशे के खिलाफ 2 कार्रवाई . 1 लाख नशीली गोलियां बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार
1. झोलाछाप से 50 हजार नशीली गोलियां जब्त, यही इलाज में मरीजों को देता था
चिंताजनक-गांव में युवाओं की टीम बना रखी थी, उनसे भी बिकवाता था नशीली गोलियां, धोरों में छिपाकर रखता था
पुलिस ने गांव 2 डीडब्ल्यूएम (बीरमाना ) में बुधवार रात एक घर में दबिश देकर प्रतिबंधित 50 हजार नशीली गोलियों सहित एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
बीरमाना का लालचंद ओड (40) पुत्र कालूराम गांव में बिना लाइसेंस के लोगों का इलाज करता है। डीएसपी विधाप्रकास ने बताया कि साइबर सेल के कांस्टेबल पवन लिंबा की सूचना पर आरोपी के घर दबिश देकर गोलियों का जखीरा बरामद किया।
राजियासर एसएचओ सुरेश कुमार ने जाब्ते सहित रात को आरोपी लालचंद के घर दबिश देकर उक्त नशीली गोलियों बरामद की।
आरोपी लालचंद गांव 330 आरडी पर क्लीनिक बनाकर मरीजों को नशीली दवा बांटता था। आरोपी लंबे समय नशे के धंधे में लिप्त था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर जांच सदर थाना एसएचओ ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए 2 दिन का रिमांड लिया है।
लॉकडाउन में 30 कार्टन से ज्यादा गोलियां बेच दी थी, 3 साल से यही धंधा के कर रहा था
डीएसपी ने बताया कि आरोपी लॉकडाउन के दौरान नशे का धंधा अधिक करने लगा था। यही नहीं उसने नशीली गोलियों के प्रचार के लिए युवाओं की टीम बना रखी है।
इसके एवज में वह उनको नशीली गोलियां देता था। आरोपी ने लॉकडाउन में 30 कार्टन से अधिक नशीली गोलियां महंगे दामों में बेच दी।
तस्करी के नेटवर्क में सबसे ज्यादा युवा वर्ग नशे की चपेट में आया। आरोपी डॉक्टर लालचंद करीब 3 साल से प्रतिबंधित नशीली गोलियां बेच रहा था।
कमाई का इतना लालच कि वो नशेड़ियों के घर तक नशीली गोलियां सप्लाई करने लगा था। नशीली गोलियों की खेप घर, खेत, नहर के आसपास व रेतीली धोरों पर बनी झुग्गी- झोपड़ियों में छिपा कर रखता था।
मरीजों को भी देता था नशीली गोलियां, अर्जुनसर से आती थी खेप : जानकारी के अनुसार आरोपी यह डॉक्टर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दर्द कम करने के लिए नशीली गोलियां देता था।
नशे की आदत होने के बाद उसे 5 गुणा महंगे दामों में गोलियां बेचता था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि गांव के युवा गोलियां बेचने में सहायता करते थे।
जांच में सामने आया है कि उसे अर्जुनसर से एक मेडिकल स्टोर संचालक नशीली गोलियां डिलीवरी करता था। कार्रवाई की भनक लगने के बाद मुख्य सप्लायर फरार हो गया है।
पुलिस कार्रवाई में साइबर सेल के कांस्टेबल पवन लिंबा ने महत्वपूर्ण इनपुट जुटाए थे, जिससे तस्कर की धरपकड़ हो सकी ।
49,750 नशीली गोलियां ले 2 बाइक पर जा रहे थे 4 युवक, 1 पकड़ा 3 भागे
युवक मटीली राठान गांव का, वह किसी बड़े तस्कर के लिए करता था कोरियर का काम, सदर थाने में मुकदमा दर्ज
बीएसएफ और सिटी सदर पुलिस ने गुरुवार शाम को हिंदुमलकोट पर संयुक्त नाकेबंदी में एक युवक को 49750 नशीली गोलियों सहित काबू किया है।
हालांकि तीन आरोपी फरार हो गए। सदर पुलिस ने मटीली राठान निवासी सुच्चासिंह ( 20 ) पुत्र मेजरसिंह तथा तीन अज्ञात के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
बीएसएफ की गुप्तचर शाखा डिप्टी कमांडेट जितेंद्र नागल ने बताया कि इस सबंध में दो माह से निगरानी कर सूचनाएं जुटाई गई।
बीएसएफ ने मुखबिर से मिली सुचना को सदर थाना पुलिस के हिंदुमलकोट रोड पर संयुक्त नाकेबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध लग रहे दो बाइक पर आ रहे 4 युवकों ने नाकेबंदी देखकर बाइक वापस घुमा ली और कलियां से श्रीगंगानगर की और भाग छूटे।
पीछा कर पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया जबकि एक बाइक पर सवार तीन युवक फरार हो गए। तलाशी लेने पर प्लास्टिक के बड़े थेलो में प्रतिबंधित 49750 नशीली गोलियां बरामद हुई। इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़ा गया युवक हैंडलर, कालियां के युवक से इसकी जान पहचान
पकड़े गए युवक से जुटाई गई जानकारी में सामने आया है कि यह मुख्य सप्लायर नहीं है। इसे मजदूरी देकर उक्त नशे की गोलियों की खेप को अज्ञात स्थान पर छोड़कर आने के लिए साथ लिया गया था।
उसे कालियां गांव के जानकार युवक ने इसके लिए साथ मिलाया था। वह भागने में कामयाब हो गया जबकि फरार हुए अन्य दो युवको को वह नहीं जनता। बरामद नशीली गोलियों का असली मालिक कौन है, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है।
आरोपी ने बताया है कि उक्त नशीली गोलियां खाजूवाला की तरफ से आई थीं और इनको हिंदुमलकोट थाना क्षेत्र में किसी अज्ञात स्थान तक पहुंचानी थी। अब बरामद गोलियों के असली मालिक तक पहुंचने के लिए पुलिस और बीएसएफ की गुप्तचर शाखा जुटी हुई है।
बरामद नशीली गोलियों की बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपए, आरोपी की हो रही जांच : बीएसएफ और सदर पुलिस की नाकेबंदी में बरामद 49750 नशीली गोलियों तथा बाइक की बजार कीमत 9.78 लाख रुपए के करीब है।
आरोपी से एक मोबाइल और दो सिमकार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। अन्तर्राष्टीय सीमा क्षेत्र मटीलीराठान का निवासी होने के कारण उनका तस्करी के नेटवर्क में शामिल होना बीएसएफ के लिए चिंता की बात है।
आशंका है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां वह खुद खरीदकर व्यपार नहीं कर सकता। उसकी आर्थिक हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। इस मामले में मुख्य आरोपी का पता लगाया जा रहा है।
by ravinder



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